जिला शक्ति। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ ने अधीक्षक संवर्ग की लंबित मांगों और छात्रावास-आश्रमों के संचालन में आ रही समस्याओं को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ द्वारा 12 नवंबर 2026 को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों का समयबद्ध निराकरण नहीं होने तथा कर्मचारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई किए जाने की स्थिति में नियमित एवं प्रभारी अधीक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।

संघ की ओर से 26 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में अधीक्षक संवर्ग की सेवा संबंधी समस्याओं, कार्य परिस्थितियों और छात्रावासों के संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख किया गया है। संघ का कहना है कि इन समस्याओं के निराकरण के लिए शासन एवं संचालनालय स्तर पर कई बार पत्राचार और मुलाकात के माध्यम से ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है। इससे अधीक्षक संवर्ग में असंतोष बढ़ रहा है।

कार्य घंटे और सेवा शर्तें निर्धारित करने की मांग
संघ की प्रमुख मांग है कि छात्रावास अधीक्षकों के दैनिक कार्य घंटे निर्धारित किए जाएं तथा साप्ताहिक और सार्वजनिक अवकाश के संबंध में स्पष्ट नियम बनाए जाएं। अधीक्षकों से 24 घंटे छात्रावास परिसर में शारीरिक रूप से उपस्थित रहने की अपेक्षा के स्थान पर व्यावहारिक सेवा शर्तें लागू करने की मांग भी उठाई गई है। इसके अलावा ड्यूटी समाप्त होने के बाद ऑन-कॉल उपलब्धता के नियम स्पष्ट करने और महिला अधीक्षिकाओं के पुरुष परिजनों के छात्रावास परिसर में निवास को लेकर दिशा-निर्देश निर्धारित करने की मांग की गई है। छात्रावास परिसर में बने अधीक्षक आवास के लिए गृह भाड़ा भत्ता देने की मांग भी शामिल है।

पदोन्नति और ऑनलाइन उपस्थिति में राहत की मांग
संघ ने अधीक्षक संवर्ग के कैडर पुनर्गठन और कर्मचारियों को सेवाकाल में पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की है। शिक्षक संवर्ग के ऐसे कर्मचारियों को, जो प्रभारी अधीक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं, विद्यालयीन जिम्मेदारियों के साथ छात्रावास संचालन का दायित्व भी निभाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें VSK ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की गई है।
संघ ने ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण, छात्रावासों में कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने तथा सर्वर या नेटवर्क की गड़बड़ी के लिए अधीक्षकों को जिम्मेदार नहीं ठहराने की मांग भी रखी है।

मेस बजट और आवश्यक सुविधाओं का मुद्दा
संघ के अनुसार, कुछ विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के आधार पर मेस राशि में कटौती किए जाने से भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए न्यूनतम 24 दिन की उपस्थिति पर पूर्ण मेस बजट स्वीकृत करने तथा सामूहिक भोजन व्यवस्था के वास्तविक खर्च के अनुरूप बजट निर्धारित करने की मांग की गई है।
इसके साथ ही बर्तन, सफाई सामग्री, दवाइयां, प्राथमिक उपचार, आवश्यक सामग्री के परिवहन, आकस्मिक खर्च और शासकीय कार्यों के लिए यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।

शासन से शीघ्र निराकरण की अपील
छात्रावास अधीक्षक संघ ने शासन और संबंधित विभाग से सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर समयबद्ध निराकरण करने की अपील की है। संघ का कहना है कि अधीक्षकों को बेहतर कार्य परिस्थितियां और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि छात्रावासों का संचालन सुचारु रूप से हो सके। अब 2 नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन और शासन की आगामी कार्रवाई पर कर्मचारियों की नजर रहेगी।

