मस्तूरी। प्रेस क्लब मस्तूरी की सदस्यता और कार्यकारिणी को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर अब महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला सामने आया है। सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर संभाग ने 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को उपलब्ध दस्तावेजों और प्रमाणों के आधार पर सिद्ध नहीं पाया है। इस आदेश से वर्तमान कार्यकारिणी और सदस्यों को बड़ी राहत मिली है। वहीं संस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 90 दिनों के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, प्रेस क्लब मस्तूरी की सदस्यता और कार्यकारिणी गठन को लेकर संतोष सिंह छत्री एवं अन्य लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके जवाब में विजय सुमन एवं अन्य ने संस्था की पंजीकृत नियमावली और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर अपना पक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों के दस्तावेजों, कार्यालयीन अभिलेखों और वैधानिक प्रावधानों की जांच के बाद सहायक रजिस्ट्रार ने पाया कि शिकायतकर्ताओं की ओर से आरोपों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि धारा 40 के अंतर्गत अपील से संबंधित कोई अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। साथ ही 17 दिसंबर 2024 को जारी कार्यकारिणी सूची के विरुद्ध किसी उच्च फोरम से स्थगन आदेश प्राप्त होने का भी कोई प्रमाण सामने नहीं आया। ऐसे में केवल आपत्ति या दावा प्रस्तुत करने के आधार पर वैधानिक अभिलेखों को निरस्त नहीं किया जा सकता।
90 दिनों में चुनाव कराने के निर्देश
सहायक रजिस्ट्रार ने संस्था में लंबे समय से चल रहे विवाद को समाप्त कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत शिकायतकर्ताओं सहित अन्य पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार सदस्यता प्रक्रिया में शामिल करने, सदस्यता पंजिका, आवेदन एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों को व्यवस्थित करने तथा पंजीकृत नियमावली के अनुसार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने को कहा गया है। साथ ही 90 दिनों के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
संस्था किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं : रघु यादव
प्रेस क्लब मस्तूरी के सचिव रघु यादव ने कहा कि बिना ठोस तथ्यों और प्रमाणों के संस्था की कार्यप्रणाली पर बार-बार सवाल उठाना और उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास उचित नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को सवाल उठाने और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत द्वेष के चलते अनावश्यक विवाद खड़ा करना पत्रकारिता और संगठनात्मक एकता के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब किसी व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि पत्रकारों के सामूहिक हितों, अधिकारों और सम्मान से जुड़ा संगठन है। सहायक रजिस्ट्रार के आदेश में शिकायतकर्ताओं के आरोप उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर सिद्ध नहीं हुए हैं। वर्तमान पदाधिकारी भी वैधानिक प्रक्रिया और पंजीकृत नियमावली के अनुरूप सदस्यता व्यवस्था, पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रघु यादव ने सभी पत्रकारों से व्यक्तिगत मतभेदों को दरकिनार कर संगठन की मजबूती और एकता के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सुझावों का हमेशा स्वागत है, लेकिन व्यक्तिगत दुर्भावना से संगठन का माहौल खराब करना किसी के हित में नहीं है।
अब सहायक रजिस्ट्रार के आदेश के बाद प्रेस क्लब मस्तूरी में आगामी 90 दिनों के भीतर चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी कार्यकारिणी पर है। ऐसे में आने वाले समय में संस्था की सदस्यता व्यवस्था और लोकतांत्रिक चुनाव पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

