सरगुजा। जिले के ग्राम माजा निवासी किसान श्री कैलाश पैकरा ने शासन की बायोफ्लॉक योजना अपनाकर खेती के साथ मत्स्य पालन से अतिरिक्त आय का एक प्रेरणादायी मॉडल प्रस्तुत किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक तकनीक के सहारे उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।

करीब 14 लाख रुपये की परियोजना के तहत स्थापित इस बायोफ्लॉक यूनिट में शासन द्वारा 8.40 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई, जिससे किसान को आर्थिक मजबूती मिली। कम पानी और कम जगह में संचालित इस सिस्टम के माध्यम से श्री पैकरा एक साथ 10,000 से अधिक मछलियों का उत्पादन कर रहे हैं।
बायोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि इसमें पानी की खपत कम होती है और मछलियों की वृद्धि तेज होती है, जिससे सालभर नियमित आय सुनिश्चित होती है। इस पहल से न केवल श्री पैकरा की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बल्कि अन्य किसान भी इस नवाचार से प्रेरित हो रहे हैं।
यह सफलता कहानी किसानों की आय बढ़ाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने में शासन की योजनाओं की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती

