पचपेड़ी । ग्राम भरारी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन शनिवार को भक्तिभाव, वैदिक अनुष्ठानों और विशाल भंडारे के साथ अत्यंत श्रद्धा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। सम्पूर्ण ग्रामवासी भरारी के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के समापन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने ग्राम भरारी को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।

श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा वाचिका पूज्या पंकजा वैष्णव दीदी एवं प्रज्ञा वैष्णव दीदी ने अपने मुखारविंद से श्रीमद् भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान कराया। कथा के प्रत्येक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म और संस्कारों से जोड़ते हुए आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते रहे, जहां पूरा वातावरण भजन, संकीर्तन और जयघोष से भक्तिमय बना रहा।
25 अप्रैल 2026 को कथा समापन के अवसर पर आचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा विधि-विधानपूर्वक गीता पाठ, तुलसी वर्षा, हवन, पूर्ण आहुति, धर्म ध्वज स्थापना एवं सहस्त्रधारा का पावन अनुष्ठान सम्पन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच पूरा परिसर भक्तिमय ऊर्जा से गूंज उठा। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागिता निभाते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया।
कथा में शामिल सभी संगीतकारों एवं कलाकारों का ग्रामवासियों द्वारा तिलक लगाकर, श्रीफल एवं गमछा भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह ने ग्रामवासियों की धार्मिक आस्था और अतिथि सत्कार की परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के समापन उपरांत हनुमान मंदिर परिसर में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री श्री 108 श्री केशवानंद जी महाराज की पुण्यतिथि पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में दाल, चावल, सब्जी, खीर, पूड़ी एवं मिष्ठान प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। ग्राम पंचायत भरारी सहित आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक आस्था, सामूहिक सहभागिता और सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम बने इस आयोजन ने ग्राम भरारी को भक्ति और सेवा का केंद्र बना दिया। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का यह भव्य समापन क्षेत्रवासियों के लिए लंबे समय तक श्रद्धा और आध्यात्मिक प्रेरणा का स्मरणीय पर्व बना रहेगा।

