मुंगेली। छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार का तीसरा बजट आज विधानसभा में पेश किया गया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बजट प्रस्तुत करते हुए शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसका प्रदेशभर के कर्मचारियों ने स्वागत किया है। कर्मचारियों का मानना है कि यह निर्णय स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय कदम है।

हालांकि, बजट में सहायक शिक्षकों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर अपेक्षित घोषणाएँ नहीं होने से कर्मचारी जगत में निराशा देखी जा रही है। सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करना “मोदी की गारंटी” में शामिल बताया गया था, जिससे शिक्षकों को इस बजट से विशेष उम्मीदें थीं, लेकिन इस संबंध में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
इसके अलावा महंगाई भत्ता (डीए) एरियर के भुगतान को लेकर भी कोई प्रावधान नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष मुंगेली, बलजीत सिंह कांत ने कहा कि कैशलेस उपचार योजना स्वागतयोग्य है, लेकिन सहायक शिक्षकों की वर्षों पुरानी वेतन विसंगति और डीए एरियर पर निर्णय नहीं लिया जाना निराशाजनक है।

