मस्तूरी | 7 सितंबर 2026। शिक्षा के क्षेत्र में करीब 38 वर्षों तक समर्पित भाव से सेवाएं देने वाले शासकीय प्राथमिक शाला टिकरापारा, सरसेनी के प्रधान पाठक श्री किशोर कुमार कुजूर के सेवानिवृत्त होने पर संकुल केंद्र मटिया के तत्वावधान में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मटिया में आयोजित समारोह में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनके सेवाकाल को याद करते हुए भावभीनी विदाई दी और स्वस्थ एवं सुखद सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं।

श्री कुजूर ने 7 दिसंबर 1988 को शासकीय प्राथमिक शाला कोटरी कला, जिला राजगढ़ (मध्य प्रदेश) से अपने शैक्षणिक सेवाकाल की शुरुआत की थी। वर्ष 1995 में वे बिलासपुर संभाग में आए। इसके बाद 5 अगस्त 2008 से शासकीय प्राथमिक शाला टिकरापारा, सरसेनी में प्रधान पाठक के रूप में अपनी सेवाएं देते रहे। लगभग चार दशक के लंबे सेवाकाल के बाद 31 अगस्त 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए।
‘शिक्षक का दायित्व सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं’
समारोह को संबोधित करते हुए संकुल प्राचार्य श्री राजेश कुमार शांडिल्य ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी निष्ठा और मेहनत से कार्य करने की अपील की।
सेवानिवृत्त प्रधान पाठक श्री किशोर कुमार कुजूर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है, बल्कि बच्चों में सीखने की रुचि पैदा करने के साथ-साथ उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना भी है। उन्होंने ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। साथ ही अपने सेवाकाल के दौरान मिले सहयोग, स्नेह और सम्मान के लिए सभी शिक्षक साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिक्षकों ने दी उज्ज्वल सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं
कार्यक्रम में संकुल प्राचार्य श्री राजेश कुमार शांडिल्य, व्याख्याता श्री सुरेंद्र कुमार राय, संकुल मटिया के समस्त प्रधान पाठक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं स्टाफ उपस्थित रहे। सभी ने श्री कुजूर के लंबे सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं मंगलमय भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन श्री सुनील कुमार चौधरी ने किया। श्री किशोर कुमार कुजूर का जीवन परिचय श्री सतीश कुमार मिश्रा ने प्रस्तुत किया, जबकि श्री सतीश कुमार महिलांगे ने आभार प्रदर्शन किया।
समारोह में सेवानिवृत्ति के अवसर पर श्री कुजूर के योगदान को याद करते हुए संकुल परिवार ने उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। 38 वर्षों की उनकी शैक्षणिक सेवा को शिक्षकों ने नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी बताया।

