मस्तूरी क्षेत्र के जलसों–भरारी–टांगर–बोहरडीह मार्ग की जर्जर सड़क एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। करीब 25 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर आज हुए भीषण हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का साफ आरोप है कि यह मौत सीधे तौर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का परिणाम है।

ग्रामीणों के मुताबिक, वर्षों से इस सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई डामर और धूलभरी पगडंडी जैसी स्थिति ने इस मार्ग को खतरनाक बना दिया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार कलेक्टर, स्थानीय विधायक और पीडब्ल्यूडी विभाग को लिखित शिकायतें दीं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।

इतना ही नहीं, सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कई बार चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया, फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि इस मार्ग से गुजरना लोगों के लिए अपनी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत या निर्माण कार्य किया गया होता, तो आज यह हादसा नहीं होता और एक परिवार को अपना सदस्य नहीं खोना पड़ता। लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय ही नजर आते हैं, उसके बाद क्षेत्र की समस्याओं से मुंह मोड़ लेते हैं।

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में डर और गुस्से का माहौल बना हुआ है।




