पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम जलसों में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। 22 मार्च 2026 की दोपहर, शिवकुमार लहरें के तीनों बेटे—देवेंद्र लहरें (26 वर्ष), बीरेंद्र (24 वर्ष) और बजरंग (24 वर्ष) — अपनी ECO कार (CG 04 LJ 4810) से चाचा के घर जा रहे थे।

वापसी के दौरान महादेवा तालाब के पास मेन रोड पर एक स्कूटी चालक को बचाने की कोशिश में उनकी कार खराब सड़क के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों भाई गाड़ी के अंदर फंस गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तीनों को बाहर निकाला। सभी लहूलुहान हालत में थे। ग्रामीणों ने 108 और 112 पर कॉल किया, लेकिन काफी देर तक कोई सरकारी सहायता मौके पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में गांव के ही दिलीप बंजारे ने मानवता दिखाते हुए अपनी कार से घायलों को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने देवेंद्र लहरें को मृत घोषित कर दिया। वहीं बजरंग की हालत गंभीर बताई गई, जिसे रायपुर रेफर किया गया है। तीसरे भाई की हालत सामान्य बताई जा रही है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि जलसों-भरारी मार्ग की बदहाल सड़क ने उनके घर का चिराग छीन लिया। वर्षों से खराब सड़क की शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ, जिसका खामियाजा आज उन्हें अपने बेटे की जान देकर चुकाना पड़ा।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम और डर का माहौल है। ग्रामीण अब इस सड़क पर चलने से भी घबरा रहे हैं। लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है और जल्द से जल्द सड़क सुधार की मांग की जा रही है।

