बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 16 जून 2026 को प्रदेशभर में मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और पंचायत अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए गए थे। मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर से जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कई अधिकारियों की नवीन पदस्थापना निर्धारित की गई थी। इसी आदेश के तहत जनपद पंचायत नवागढ़ (बेमेतरा) में पदस्थ प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी सनत महादेवा को जनपद पंचायत मस्तूरी में पदस्थ किया गया था।तब यह आदेश प्रशासनिक कसावट, विकास कार्यों में गति और ग्रामीण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था। लेकिन आदेश जारी होने के डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मस्तूरी जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.आर. भगत का मुख्यालय में बने रहना अब गंभीर चर्चा का विषय बन गया है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जब शासन ने स्पष्ट तबादला आदेश जारी कर दिया है तो उसका पालन अब तक क्यों नहीं कराया गया। लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या मस्तूरी में मंत्रालय के आदेशों को हल्के में लिया जा रहा है, या फिर किसी स्तर पर विशेष संरक्षण मिलने के कारण अधिकारी अब भी पद पर बने हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार नवीन पदस्थ अधिकारी के कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाने से जनपद पंचायत के कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। फाइलों के निपटारे, विकास कार्यों की स्वीकृति और योजनाओं की निगरानी को लेकर भी अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि शासन के आदेश का पालन समय पर नहीं होगा तो इसका सीधा असर ग्रामीण विकास कार्यों पर पड़ेगा।
मामले को लेकर अब जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी स्तर तक चर्चा तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किस कारण से तबादला आदेश का पालन लंबित है। लोगों ने शासन से मांग की है कि आदेश की स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि कार्यमुक्ति नहीं हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
मस्तूरी क्षेत्र में इस पूरे प्रकरण को लेकर एक ही चर्चा है—“जब आदेश जारी हो चुका है तो पालन कब होगा?” अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

